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राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद्‌
सवाई मानसिंह स्टेडियम जयपुर
1. प्रस्तावना :-
(i)
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद, राजस्थान संस्था रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 के अन्तर्गत एक पंजीकृत संस्था है, जो प्रदेश में युवा मामलें एवं खेल विभाग के नियन्त्रण में राज्य में खेलों के विकास की सर्वोच्च संस्था है। स्थापना के पश्चात क्रीड़ा परिषद ने विगत 58 वर्षों के इतिहास में राज्य के खेलों के विकास में अपनी महती भूमिका निभाई है।
(ii)
राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों को ‘‘महाराणा प्रताप पुरस्कार‘‘ से सम्मानित किया जाता है। पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र के साथ में सम्मान स्वरूप 10,000 रूपये की नकद राशि भी दी जाती रही है। अब तक राज्य के 122 खिलाड़ियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। अब महाराणा प्रताप पुरस्कार की राषि 1,00,000/- रूपये नकद कर दी गई है।
(iii) क्रीड़ा परिषद ऐसे खेल प्रशिक्षकों को भी ’’वशिष्ठ पुरस्कार’’ से सम्मानित करती है। जो राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को तराश कर योग्य खिलाड़ी बनाते है अब तक 25 प्रशिक्षकों को ‘‘वशिष्ठ पुरस्कार‘‘ से सम्मानित किया जा चुका है। इस पुरस्कार की राषि को भी 1,00,000/- रूपये नकद कर दिया गया है।
(iv) भारत में खेलों के विकास को नई दिशा प्रदान करने के लिए राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद श्रेय की पात्र है। खेल परिषद ने देश में पहली बार राज्य के चयनित खिलाडियों हेतु आवासीय खेलकूद प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की परम्परा डाली, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा व अनुकरण किया गया। परिषद ने पर्वतीय स्थल माउण्ट आबू में सन् 1959 में पहले खेलकूद प्रशिक्षण शिविर की शुरूआत की। मई-जून, 2015 में इस परम्परा को जारी रखते हुए 57वाँ केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर माउण्ट आबू व जयपुर में आयोजित किया गया।
(v) खेल परिषद द्वारा जनजाति क्षेत्रों की प्रतिभाओं को तलाश कर तराशने के लिए ग्रीष्मावकाश में पृथक से आवासीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। जनजाति शिविर वर्ष 2015 में भी माह मई-जून में उदयपुर में आयोजित किया गया।
2. क्रीड़ा परिषद का गठन :-
(i)
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के संरक्षक (PATRON) राज्य के राज्यपाल हैं। राज्य के मुख्यमंत्री भी परिषद के उप संरक्षक है। परिषद के अध्यक्ष मुख्य कार्यकारी होते हैं। इसके अलावा परिषद में उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष व राज्य सरकार द्वारा मनोनीत 12 से अनाधिक सदस्य होते हैं। 6 अधिकारी इसके पदेन सदस्य होते है। परिषद के प्रथम अध्यक्ष श्री वी.जी. कानेटकर थे। 11 जुलाई, 2014 से अध्यक्ष का कार्यभार श्री जे.सी. महांति (प्रमुख शासन-सचिव, युवा मामले एवं खेल विभाग) संभाले हुये हैं।
3. प्रशासनिक व्यवस्था :-
(i)
राज्य में खेल गतिविधियों के संचालन एवं प्रशासनिक कार्यों के निस्पादन के लिये विभिन्न संवर्ग के 341 पद सृजित हैं, जिसमें से 269 पद भरे हुए हैं व 72 पद खाली हैं। इसमें परिषद् के सचिव सहित, अधिकारी संवर्ग के 48, अधीनस्थ कर्मचारी संवर्ग के 165 पद एवं 54 मंत्रालयिक एवं 74 सहायक कर्मचारी के पद स्वीकृत हैं। प्रदेश में निःशुल्क खेल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये प्रशिक्षकों के 149 पद स्वीकृत हैं, जिसमें वर्तमान में 122 प्रशिक्षक प्रशिक्षण का कार्य कर रहे हैं। राज्य में भारतीय खेल प्राधिकरण (S.A.I.) के 3 प्रशिक्षक भी पदस्थापित हैं।
(ii) राज्य के सभी 33 जिलों में खेलों को बढ़ावा देने व नियमित प्रशिक्षण देने के लिए जिला खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र के कार्यालय कार्यरत हैं। इन कार्यालयों में परिषद का एक खेल अधिकारी/प्रभारी, कनिष्ठ लिपिक तथा जिलों में प्रचलित खेलों के आधार पर आवश्यकता एवं उपलब्धता अनुसार प्रशिक्षकों को पदस्थापित किया जाता हैं। कार्यालयों व मैदानों के रख-रखाव के लिए चैाकीदार एवं गेम्सबाॅय भी कार्यरत रहते हैं।
(iii) जिला खेल अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों एवं प्रशिक्षकों के सहयोग से विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ-साथ जिले के होनहार खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण देने का कार्य भी करते हैं।
4. आय-व्यय :-
(i) परिषद को राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 में अपनी योजनाओं के संचालन के लिये 312.00 लाख रूपये आयोजना-भिन्न मद में तथा 1045.91 लाख रूपये आयोजना मद में स्वीकृत किये गये हैं। वर्ष 2014-15 में यह राशि क्रमशः 310.00 लाख व 544.30 लाख रूपये थी।
5. अनुदान :-
(i) वित्तीय वर्ष 2015-16 में जनवरी के द्वितीय सप्ताह तक विभिन्न 13 खेलों की 30 राज्य स्त्रीय प्रतियोगिता हेतु रू. 89,16,507/- तथा राज्य दल के राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु 12 खेलों की 33 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं हेतु रू. 23, 07,762/- की राशि अग्रिम की गई।
इसी वित्तीय वर्ष में 08 खेलों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिन्हें यथावत रूप से स्वीकृत किया।
6. खेल गतिविधियां एवं कार्यक्रम :-
 
खेल परिषद राज्य में खेलकूद प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से, खेल प्रतिभाओं और खेलों को बढावा देने व होनहार खेल प्रतिभाओं को तराशने हेतु विभिन्न खेल गतिविधियों का संचालन करती है। इनमें से मुख्य गतिविधियां निम्नानुसार हैः-
(i) नियमित प्रशिक्षण :-
 
सभी 33 जिलों में एवं राज्य स्तर पर होनहार प्रतिभाओं को तराशने और नियमित प्रशिक्षण के द्वारा उन्हें निखारने के लिए दक्ष प्रशिक्षकों को लगा रखा है। परिषद के प्रशिक्षकों के साथ-साथ भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षक भी प्रशिक्षण देते हैं। परिषद् द्वारा प्रत्येक जिला मुख्यालयों पर वर्ष पर्यन्त विभिन्न खेलों में प्रषिक्षार्थियों को निःषुल्क प्रषिक्षण एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराये जाते हैं।
(ii) ग्रीष्मकालीन प्रषिक्षण षिविरः-
 
परिषद् द्वारा ग्रीष्मावकाष के दौरान माह मई-जून में, 2013 में जिला मुख्यालयों पर ग्रीष्म कालीन षिविर का आयोजन किया गया। षिविर का आयोजन निर्धारित खेलों में किया गया, षिविर के दौरान खिलाड़ियों को निःषुल्क प्रषिक्षण, खेल मैदान, खेल उपकरण इत्यादि उपलब्ध कराये गये। षिविर के अंत में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को टी-षर्ट, प्रमाण-पत्र इत्यादि निःषुल्क प्रदान किये गये। उक्त षिविर में लगभग 4,000 खिलाड़ियों ने प्रषिक्षण प्राप्त किया।
(iii) केन्द्रीय आवासीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर :-
 
खिलाड़ियों को उच्चतम गहन प्रशिक्षण मिले इसके तहत परिषद द्वारा हर वर्ष माह मई-जून में केन्द्रीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक वर्ष यह शिविर माउन्ट आबू में आयोजित किया जाता है, इसी शिविर का एक पार्ट जयपुर में भी आयोजित किया जाता है, इन षिविरों का विस्तृत विवरण निम्न प्रकार है:-
(iv) केन्द्रीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर, आबू पर्वत (दिनांक 30.05.2013 से 13.06.2013 तक)
 
क्र०सं०
खेल का नाम
बालक
बालिका
1. वॉलीबाल 08 08
2. हैण्डबाल 14 14
3. फुटबाल 20 20
4. कबड्‌डी 18 18
5. तीरंदाजी 08 08
6. बाॅक्सिंग 15 15
7. क्रिकेट 32 32
कुल योग 115 115
(v) केन्द्रीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर, जयपुर (दिनांक 05.06.2013 से 19.06.2013 तक)
 
क्र०सं०
खेल का नाम
बालक
बालिका
योग
1. एथलेटिक्स 20 20 40
2. साईक्लिंग 09 - 09
3. कुश्ती 13 03 16
4. वाॅलीबाॅल - 14 14
5. तीरंदाजी - 09 09
6. हाॅकी 15 14 29
7. कबड्डी - 07 07
8. फुटबाॅल - 15 15
9. बास्केटबाॅल 12 10 22
10. खो-खो 15 13 28
11. टेबिल-टेनिस 11 09 20
12. जूडो 13 10 23
13. क्रिकेट - 25 25
14. जिम्नास्टिक 09 08 17
15. हैण्डबाॅल - 14 14
कुल 117 171 288
(vi) केन्द्रीय जनजाति ग्रीष्मकालीन आवासीय प्रशिक्षण शिविर:-
 
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा प्रति वर्ष केन्द्रीय जनजाति खेलकूद प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है। शिविर के दौरान भाग लेने वाले खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल उपकरण, टी.ए.-डी.ए., टी-शर्ट, प्रमाण-पत्र इत्यादि दिये जाते हैं। शिविर के अन्त में प्रत्येक खेल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया जाता है।
(vii) केन्द्रीय जनजाति प्रशिक्षण शिविर, उदयपुर (दिनांक 02.06.2013 से 16.06.2013 तक)
 
क्र०सं०
खेल का नाम
बालक
बालिका
योग
1. एथलेटिक्स 15 09 24
2. हाॅकी 16 16 32
3. तीरंदाजी 20 18 38
4. हैण्डबाॅल 14 11 25
5. फुटबाॅल 25 - 25
6. कबड्डी 15 10 25
7. खो-खो 14 06 20
8. वाॅलीबाॅल 15 12 27
9. बास्केटबाॅल 14 12 26
कुल 148 94 242
(viii) राष्ट्रीय प्रतियोगिता/इससे पूर्व प्रषिक्षणः-
 
राज्य स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पूर्व परिषद् द्वारा आवासीय षिविरों का आयोजन किया जाता है, जिसमें राज्य दल द्वारा खिलाड़ियों को निःषुल्क भोजन, आवास, यात्रा-भत्ता एवं प्रषिक्षण हेतु खेल सामग्री, खेल मैदान एवं प्रषिक्षकों की सेवायें उपलब्ध करवाई जाती हैं।
(ix)
मुख्यमंत्री महोदय की बजट घोषणा के अंतर्गत एन.आई.एस. डिप्लोमा कर रहीं, राजस्थान की मूल महिला खिलाड़ियों को डिप्लोमा अवधि के दौरान स्थायी फण्ड के रूप में रू. 1,000/- प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
7. पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान (च्ल्ज्ञज्ञ।):-
(i) योजना का परिचय एवं मुख्य घटक:-
 
भारत सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति 2001 में ग्राम स्तर पर आधारित खेल गतिविधियों पर विशेष जोर देते हुए खेलों के राष्ट्रीय व अन्र्तराष्ट्रीय स्तर उन्नयन पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है। परिणामतः भारत सरकार की अधिसूचना क्रमांक 6-1/2007-ैचण्-प्ट दिनांक 06.05.2008 द्वारा ’पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभियान’ की गाइड लाईन जारी करते हुए देश के सभी राज्यों में इसके क्रियान्वयन की घोषणा की गई है। गाइड लाईन को पुनः दिनांक 17.09.2012 को परिमार्जित किया गया है।
(क) योजना का राज्य में क्रियान्वयन:-
(अ) कार्यकारी समितियों का गठन
योजना के राज्य में क्रियान्वयन हेतु निम्न कार्यकारी समिति गठित की गई है:-
 
(ब) क्रीडा परिषद् नोडल एजेन्सी
  राज्य सरकार ने अपने आदेश क्रमांक प.3(2)खेल/2006 दिनांक 23.10.2008 के द्वारा रा.रा.क्री.परिषद् को राज्य की नोडल एजेन्सी बनाया है।
(स) योजना का क्रियान्वयन विद्यालय विकास/प्रबंध समिति के द्वारा जिला क्रीड़ा परिषद् के समग्र पर्यवेक्षण में
  दिनांक 13.05.2009 के द्वारा पायका योजना में निधियाँ जिला परिषदों को हस्तान्तरित करवाकर योजना का क्रियान्वयन कराया गया है, तद्नुसार वर्ष 2008-09 में योजना निधियाँ जिला परिषदों को हस्तान्तरित की गई है। राज्य सरकार ने योजना के आगामी चरणों की राषि जिला क्रीडा परिषदों के पर्यवेक्षण में विद्यालय विकास/मैनेजमेन्ट समिति के माध्यम से कराये जाने का निर्णय राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति (च्ल्ज्ञज्ञ।) द्वारा दिनांक 04.01.2012 को किया जा चुका है।
(ख) योजना के घटक
  योजना के उद्देश्यों में प्रमुखतः ग्रामीण स्तर पर नियमित गतिविधियों के माध्यम से खेल का बेहतर वातावरण तैयार करना है। इसके लिए आवश्यक संसाधन जुटाने के लिए योजना में निम्न घटक बनाये गये है:-
(ii) एक मुश्त पूंजीगत अनुदान (व्दम जपउम बंचपजंस हतंदज)
  यह अनुदान केन्द्र प्रवर्तित सहायता के रूप में खेलों की आधारभूत संरचना के विकास हेतु 75:25 अंशदान अनुपात में क्रमशः केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा योजना प्रारम्भीकरण से 9 वर्षो (2016-17) तक प्रदान किया जावेगा। इसके अन्तर्गत चयनित ग्राम पंचायत स्तर पर रू0 1.00 लाख प्रति गा्रम पंचायत एवं रू0 5.00 लाख प्रति चयनित ब्लाॅक पंचायत के लिए एक बारगी प्रदान किये जाते है। इस राशि के अतिरिक्त अन्य योजनाओं से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
योजना में राजस्थान की कुल 9177 ग्राम पंचायतों में से प्रथम 4 वर्षो तक 10: ग्राम पंचायतों का चयन उक्त योजना में किया जायेगा, तत्पश्चात् 12: ग्राम पंचायतों का चयन किया जायेगा ताकि योजना अवधि (2016-17) में राज्य की समस्त पंचायतें लाभान्वित हो सके।
 
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (A)
वर्ष
कवरेज प्रतिषत
ग्राम पंचायत
ब्लाॅक पंचायत
2008-09 10% 869 24
2009-10 10% 917+48 25
2010-11 10% 917 25
2011-12 10% 917 25
कुल योग   3668 99
बारहवीं पंचवर्षीय योजना (ब)
2012-13 12% 1100+9 30
2013-14 12% 1100 30
2014-15 12% 1100 30
2015-16 12% 1100 30
2016-17 12% 1100 30
कुल योग   5500 150
(A+B)का कुल योग 9177 249
(iii) एक मुश्त पूंजीगत अनुदान से कराये जाने वाले कार्य:-
  (अ). जहाँ तक संभव हो सके इस अनुदान का उपयोग चयनित खेलों एवं खेलकूद पर किया जाना चाहिए।
(ब). इस राशि से प्रथमतः खेल मैदानों का विकास, जैसे कि भूमि का विकास, खेल मैदान पर खेल संबंधी स्थाई चिन्हियन (Permanent Marking), पानी की व्यवस्था, वाॅशरूम, खिलाड़ियों के बैठने की व्यवस्था यदि पूर्व से उपलब्ध न हो।
(स). इस मद में शेष बची राशि का उपयोग से खेलों से संबंधित स्थाई महत्व के खेल उपकरण जो कि प्रशिक्षण के लिए आवश्यक है।
(द). कुल मिलाकर इस राशि का उपयोग प्रशिक्षुओं को आकर्षित करने के लिए पायका सेन्टर को समग्र रूप से संधारित करने के लिए किया जाता है।
(iv) वार्षिक अधिग्रहण अनुदान (Annual Acqusiton Grant) (For sports Meterial) :-
  यह अनुदान भारत सरकार द्वारा प्रथम 5 वर्षो तक चयनित पायका खेल केन्द्रों पर विभिन्न चयनित खेलों के खेल उपकरण तथा सहायक सामग्री के लिए प्रदान किया जावेगा जो पूर्णतः केन्द्रीय अनुदानित होगें। इसके पष्चात् यह व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जावेगा।
(v) वार्षिक प्रचलानात्मक (Operational) (For Maintenance) :-
  चयनित ग्राम/ब्लाॅक पंचायत पायका खेल केन्द्रों पर एक-एक क्रीडाश्री मानदेय पर लगाये जाने का प्रावधान है। यह अनुदान भी भारत सरकार द्वारा प्रथम 5 वर्षो तक क्रीडाश्री को मानदेय, खेल उपकरण संधारण व खेल मैदानों की संरचना के रख-रखाव हेतु पूर्णतः प्रदान किया जाता है, बाद में इसमें कार्यालय उपकरण व MIS जैसे मद भी शामिल कर लिये गये है। प्रथम 5 वर्ष पष्चात् यह व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जावेगा।
(vi) वार्षिक प्रतियोगिता अनुदान (Annual Competition Grant):-
  विगत वर्षो में ग्र्रामीण खेल प्रतियोगिताऐं राज्य सरकार द्वारा आयोजित करायी जाती रही है। इस आयोजन को ’पायका’ योजना मे समाहित करते हुए ब्लाॅक, जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर वार्षिक प्रतियोगिताओं का आयोजन पायका योजना में किया जाता है। ब्लाॅक एवं जिला स्तर प्रतियोगिताओं के आयोजन का समस्त व्यय केन्द्र सरकार द्वारा अनुदानित होता है, परन्तु खिलाडियों के आने-जाने का किराया राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता पर आने वाला व्यय राज्य सरकार को वहन करना होता है।
वर्ष 2010-11 से पायका योजना में महिला खेलों को भी भारत सरकार द्वारा समाहित किया गया है। राज्य में पहली बार महिला खेल 2012-13 में आयोजित किये गये है।
(vii) योजना की प्रगति:-
  एक मुश्त अनुदान राशि (One Seed Capital Grant)
  पंचायत युवा क्रीडा और खेल अभियान योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 869 ग्राम पंचायतों व 24 ब्लाॅक पंचायतों को चिन्हित कर आधारभूत खेल अवरचना मैदानों का विकास कार्य जिला परिषद् व ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया गया है। प्रथम चरण में अब तक 989.00 लाख रू0 आवंटित किये जा चुके है।
  द्वितीय चरण एक मुश्त अनुदान:-
  वर्ष 2009-10 के द्वितीय चरण का सर्वे हो चुका है जिसमें 917 ग्राम पंचायतो व 25 ब्लाॅक पंचायतों का जनंसख्या के आधार पर चयन कर भारत सरकार से एक मुश्त अनुदान के रूप में 274.76 लाख रूपये प्राप्त हो चुके है। इसमें राज्यांष मिला करके आवंटन जिलो को भी किया जा चुका है।
  वार्षिक अधिग्रहण व प्रचलनात्मक अनुदान(Annual Acqusition and Operational Grant):-
  योजना के प्रथम चरण के राज्य के चयनित खेलों में खेल उपकरण क्रय कर पायका केन्द्रों पर भिजवाये जा चुके है। इस मद में भारत सरकार से प्राप्त 100.87 लाख का उपयोग कर लिया गया है।
(viii) पायका महिला खेल:-
  वर्ष 2013-14 में यह प्रतियोगिता भारत सरकार से अनुदान प्राप्त नहीं होने के कारण आयोजित नहीं की जा सकी है।
(ix) पायका ग्रामीण प्रतियोगिताएं:-
  वर्ष 2013-14 में यह प्रतियोगिता भारत सरकार से अनुदान प्राप्त नहीं होने के कारण आयोजित नहीं की जा सकी है।
  पायका वित्त प्रबंधन (Funding Pattern)
 
2008-09 10% 869 24
2009-10 10% 917+48 25
2010-11 10% 917 25
2011-12 10% 917 25
कुल योग   3668 99
बारहवीं पंचवर्षीय योजना (ब)
2012-13 12% 1100+9 30
2013-14 12% 1100 30
2014-15 12% 1100 30
2015-16 12% 1100 30
2016-17 12% 1100 30
कुल योग   5500 150
(A+B)का कुल योग 9177 249
(x) एक मुश्त पूंजीगत अनुदान से कराये जाने वाले कार्य:-
  अ. जहाँ तक संभव हो सके इस अनुदान का उपयोग चयनित खेलों एवं खेलकूद पर किया जाना चाहिए।
  ब. इस राशि से प्रथमतः खेल मैदानों का विकास, जैसे कि भूमि का विकास, खेल मैदान पर खेल संबंधी स्थाई चिन्हियन (Permanent Marking), पानी की व्यवस्था, वाॅशरूम, खिलाड़ियों के बैठने की व्यवस्था यदि पूर्व से उपलब्ध न हो।
  स. इस मद में शेष बची राशि का उपयोग से खेलों से संबंधित स्थाई महत्व के खेल उपकरण जो कि प्रशिक्षण के लिए आवश्यक है।
  द. कुल मिलाकर इस राशि का उपयोग प्रशिक्षुओं को आकर्षित करने के लिए पायका सेन्टर को समग्र रूप से संधारित करने के लिए किया जाता है।
(xi) वार्षिक अधिग्रहण अनुदान (Annual Acqusiton Grant) (For sports Meterial) :-
  यह अनुदान भारत सरकार द्वारा प्रथम 5 वर्षो तक चयनित पायका खेल केन्द्रों पर विभिन्न चयनित खेलों के खेल उपकरण तथा सहायक सामग्री के लिए प्रदान किया जावेगा जो पूर्णतः केन्द्रीय अनुदानित होगें। इसके पष्चात् यह व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जावेगा।
(xii) वार्षिक प्रचलानात्मक (Operational) अनुदान (For Maintenance) :-
  चयनित ग्राम/ब्लाॅक पंचायत पायका खेल केन्द्रों पर एक-एक क्रीडाश्री मानदेय पर लगाये जाने का प्रावधान है। यह अनुदान भी भारत सरकार द्वारा प्रथम 5 वर्षो तक क्रीडाश्री को मानदेय, खेल उपकरण संधारण व खेल मैदानों की संरचना के रख-रखाव हेतु पूर्णतः प्रदान किया जाता है, बाद में इसमें कार्यालय उपकरण व MIS जैसे मद भी शामिल कर लिये गये है। प्रथम 5 वर्ष पष्चात् यह व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जावेगा।
(xiii) वार्षिक प्रतियोगिता अनुदान (Annual Competition Grant) :-
  विगत वर्षो में ग्र्रामीण खेल प्रतियोगिताऐं राज्य सरकार द्वारा आयोजित करायी जाती रही है। इस आयोजन को ’पायका’ योजना मे समाहित करते हुए ब्लाॅक, जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर वार्षिक प्रतियोगिताओं का आयोजन पायका योजना में किया जाता है। ब्लाॅक एवं जिला स्तर प्रतियोगिताओं के आयोजन का समस्त व्यय केन्द्र सरकार द्वारा अनुदानित होता है, परन्तु खिलाडियों के आने-जाने का किराया राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता पर आने वाला व्यय राज्य सरकार को वहन करना होता है।
वर्ष 2010-11 से पायका योजना में महिला खेलों को भी भारत सरकार द्वारा समाहित किया गया है। राज्य में पहली बार महिला खेल 2012-13 में आयोजित किये गये है।
(xiv) योजना की प्रगति:-
  एक मुश्त अनुदान राशि (One Seed Capital Grant)
  पंचायत युवा क्रीडा और खेल अभियान योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 869 ग्राम पंचायतों व 24 ब्लाॅक पंचायतों को चिन्हित कर आधारभूत खेल अवरचना मैदानों का विकास कार्य जिला परिषद् व ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया गया है। प्रथम चरण में अब तक 989.00 लाख रू0 आवंटित किये जा चुके है।
  द्वितीय चरण एक मुश्त अनुदान:-
  वर्ष 2009-10 के द्वितीय चरण का सर्वे हो चुका है जिसमें 917 ग्राम पंचायतो व 25 ब्लाॅक पंचायतों का जनंसख्या के आधार पर चयन कर भारत सरकार से एक मुश्त अनुदान के रूप में 274.76 लाख रूपये प्राप्त हो चुके है। इसमें राज्यांष मिला करके आवंटन जिलो को भी किया जा चुका है।
  वार्षिक अधिग्रहण व प्रचलनात्मक अनुदान (Annual Acqusition and Operational Grant) :-
  योजना के प्रथम चरण के राज्य के चयनित खेलों में खेल उपकरण क्रय कर पायका केन्द्रों पर भिजवाये जा चुके है। इस मद में भारत सरकार से प्राप्त 100.87 लाख का उपयोग कर लिया गया है।
(xv) पायका महिला खेल:-
  वर्ष 2013-14 में यह प्रतियोगिता भारत सरकार से अनुदान प्राप्त नहीं होने के कारण आयोजित नहीं की जा सकी है।
(xvi) पायका ग्रामीण प्रतियोगिताएं:-
  वर्ष 2013-14 में यह प्रतियोगिता भारत सरकार से अनुदान प्राप्त नहीं होने के कारण आयोजित नहीं की जा सकी है।
  पायका वित्त प्रबंधन (Funding Pattern)
 
पायका केन्द्र एक
मुश्त पूंजीगत अनुदान
वार्षिक अधिग्रहण अनुदान वार्षिक प्रचलनात्मक अनुदान
  कुल केन्द्रांश राज्यांश 10,000 + स्थानीय स्त्रोत अंशदान यदि कोई हो 12,000 + स्थानीय स्त्रोत अंशदान यदि कोई हो
ग्राम पंचायत स्तर 1,00,000 + अन्य स्त्रोत यदि कोई हो 75,000 25,000
ब्लाॅक पंचायत स्तर 5,00,000 + अन्य स्त्रोत यदि कोई हो 3,75,000 1,25,000 20,000 + स्थानीय स्त्रोत अंशदान यदि कोई हो 24,000 + स्थानीय स्त्रोत अंशदान यदि कोई हो
  प्रतियोगिताओं के लिए:-
(xvii) पायका ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता:-
 
प्रतियोगिता का स्तर
अनुदान वितरण
ईनामी राशि
प्रति खेल राशि चयनित खेलों की संख्या
ब्लाॅक स्तर 10,000/-
(अधिकतम 50,000/-)
5
(3 से कम नहीं)
45,000/- प्रति ब्लाॅक (मैडल धारियों को ईनामी राशि का वितरण अग्रांकित सारणी के अनुसार)
जिला स्तर 20,000/-
(अधिकतम 2.00 लाख)
10
(5 से कम नहीं)
90,000/- प्रति जिला (मैडल धारियों को ईनामी राशि का वितरण अग्रांकित सारणी के अनुसार)
राज्य स्तर 80,000/-
(अधिकतम 8.00 लाख)
10
(8 से कम नहीं)
200000/- राज्य स्तर (मैडल धारियों को ईनामी राशि का वितरण अग्रांकित सारणी के अनुसार)
  नोट:- खिलाड़ियों का यात्रा भत्ता राज्य सरकार द्वारा वहनीय है।
(xviii) पायका ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता के लिए ईनामी राशि का वितरण:-
 
प्रतियोगिता का स्तर टीम व व्यक्तिगत स्पर्द्धा में ईनामी राशि का वितरण
प्रथम स्थान प्राप्त द्वितीय स्थान प्राप्त तृतीय स्थान प्राप्त कुल राशि
ब्लाॅक स्तर 120/- 80/- 60/- 260/-
जिला स्तर 150/- 100/- 75/- 325/-
राज्य स्तर 400/- 200/- 125/- 725/-
(xix) पायका महिला खेलकूद प्रतियोगिता:-
 
प्रतियोगिता का स्तर वित्त प्रबंधन
ब्लाॅक स्तर
राज्य के स्वयं के संसाधनों से यदि हो
जिला स्तर
1,20,000/- रूपये प्रति जिला
(प्रति खेल 10,000/- 12 खेलों के लिए)
राज्य स्तर
6,00,000/- रूपये (प्रति खेल 25,000/- 12 खेलों के लिए)
  नोट:- खिलाड़ियों का यात्रा भत्ता राज्य सरकार द्वारा वहनीय है।